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डिलीवरी के बाद महिलाओं को रिकवर होने के लिठखास देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत होती है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पहले छह सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ पोसà¥â€à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® पीरियड कहलाते हैं। इस समय में महिलाओं के शरीर के घावों को à¤à¤°à¤¨à¤¾ और नठबदलावों में à¤à¤¡à¤œà¤¸à¥â€à¤Ÿ होना होता है। इन हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में मां और शिशॠके बीच रिशà¥â€à¤¤à¤¾ गहरा होता है।
आमतौर पर डिलीवरी के बाद महिलाओं को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ आराम करने के लिठकहा जाता है लेकिन कà¥â€à¤¯à¤¾ कà¤à¥€ आपने यह सोचा है कि कितने दिन तक का आराम परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ होता है। आइठजानते हैं इस सवाल का जवाब।
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कब तक करना चाहिठआराम
नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के बाद महिलाओं को कम से कम चार सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ आराम करने की जरूरत होती है। à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि इस à¤à¤• महीने में आपको बिसà¥â€à¤¤à¤° पर ही लेटे रहना है बलà¥à¤•ि धीरे-धीरे छोटे मोटे काम करना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं। डिलीवरी के बाद पहले सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में बिसà¥â€à¤¤à¤° पर ही आराम करें, दूसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में शिशॠके काम करना शà¥à¤°à¥‚ करें। अगर तीन सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद आप ठीक महसूस कर रही हैं ताे घर से बाहर निकल सकती हैं।
डिलीवरी के बाद मासिक सà¥à¤°à¤¾à¤µ अधिक हो सकता है और इसके साथ ही à¤à¤‚ठन à¤à¥€ महसूस हो सकती है। गोंद के लडà¥à¤¡à¥‚ खाने से महिलाओं को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने से बचाव मिलता है। वहीं, गोंद के लडà¥à¤¡à¥‚ नियमित खाने से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, रीढ की हडà¥à¤¡à¥€ और दांतों को मजबूती मिलती है। गोंद के सूजन रोधी गà¥à¤£ इसे आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मददगार बनाते हैं।
40 दिन का समय
à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि नौ महीने की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी और डिलीवरी के बाद शरीर को कम से कम 40 दिनों का आराम जरूर देना चाहिà¤à¥¤ इतने समय में शरीर पूरी तरह से रिकवर हो चà¥à¤•ा होता है। इन 40 दिनों में मां को अपने आहार का पूरा धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है ताकि शरीर में आई कमजोरी दूर हो सके और बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध à¤à¥€ बन सके।
रिकवरी का अधिकतम समय
à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के बाद सà¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ चार सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ या 40 दिनों के अंदर रिकवर कर लेती हैं। हर किसी को ठीक होने में अलग समय लगता है। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि डिलीवरी के बाद छह से आठसपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के अंदर महिलाà¤à¤‚ खà¥à¤¦ को पूरी तरह से सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ महसूस करती हैं। सिजेरियन डिलीवरी के मà¥à¤•ाबले नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के बाद रिकवर होने में कम समय लगता है।
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डिलीवरी के बाद मासिक सà¥à¤°à¤¾à¤µ अधिक हो सकता है और इसके साथ ही à¤à¤‚ठन à¤à¥€ महसूस हो सकती है। गोंद के लडà¥à¤¡à¥‚ खाने से महिलाओं को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने से बचाव मिलता है। वहीं, गोंद के लडà¥à¤¡à¥‚ नियमित खाने से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, रीढ की हडà¥à¤¡à¥€ और दांतों को मजबूती मिलती है। गोंद के सूजन रोधी गà¥à¤£ इसे आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मददगार बनाते हैं।
à¤à¤• पैन को गैस पर रखें और उसमें घी डालें। इसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® नहीं करना है, वरना गोंद कड़वी हो जाà¤à¤—ी। अब घी में मधà¥â€à¤¯à¤® आंच पर गोंद को à¤à¥‚नें और लगातार चमà¥â€à¤®à¤š से चलाते रहें। गोंद के फूलने पर गैस बंद कर दें और गोंद को बाहर निकाल लें पीस लें।
किसी à¤à¤¾à¤°à¥€ तले वाले बरà¥à¤¤à¤¨ में थोड़ा घी डालकर पकाà¤à¤‚ और फिर उसमें आटा डालकर à¤à¥‚रा होने तक पकाà¤à¤‚। इसके आगे की विधि नीचे बताई गई है।
अब इसे à¤à¤• पà¥â€à¤²à¥‡à¤Ÿ में निकालकर ठंडा होने के लिठरख दें।इसके बाद इसमें गà¥à¤¡, घिसा हà¥à¤† नारियल, डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚ट पाउडर, दालचीनी का पाउडर और चिरौंजी डालकर मिकà¥â€à¤¸ करें।इस मिशà¥à¤°à¤£ के हलà¥â€à¤•ा गरà¥à¤® होने पर अपनी हथेलियों पर दो बूंद घी डालकर लडà¥à¤¡à¥‚ बनाना शà¥à¤°à¥‚ कर दें।अगर मिशà¥à¤°à¤£ सूखा लग रहा है तो इसमें गरà¥à¤® कर के थोड़ा घी डाल दें और फिर लडà¥à¤¡à¥‚ बनाà¤à¤‚।इन लडà¥à¤¡à¥à¤“ं को à¤à¤¯à¤° टाइट कंटेनर में à¤à¤° कर रखें।
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इन लडà¥à¤¡à¥à¤“ं में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ 23 गà¥à¤°à¤¾à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ 1 गà¥à¤°à¤¾à¤®, फैट गà¥à¤°à¤¾à¤®, सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¡ फैट 3 गà¥à¤°à¤¾à¤®, कोलेसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² 12 मिगà¥à¤°à¤¾, पोटैशियम 34 मिगà¥à¤°à¤¾, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® 12 मिगà¥à¤°à¤¾, शà¥à¤—र 12 मिगà¥à¤°à¤¾ और आयरन 0.8 मिगà¥à¤°à¤¾ है।
डिलीवरी के बाद होने वाली समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤
डिलीवरी के बाद à¤à¥€ महिलाओं को कई तरह की दिकà¥â€à¤•तें आती हैं, जैसे कि :
योनि में दरà¥à¤¦ : पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान योनि और गà¥à¤¦à¤¾ के बीच का हिसà¥â€à¤¸à¤¾ यानि पेरिनियम में खिंचाव आ सकता है। शिशॠको बाहर निकालने के लिठयोनि में छोटा-सा कट लगाया गया हो तो डिलीवरी के बाद तेज दरà¥à¤¦ हो सकता है।
कबà¥â€à¤œ : डिलीवरी के बाद कबà¥â€à¤œ हो सकती है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान दरà¥à¤¦ निवारक दवा के कारण अकà¥â€à¤¸à¤° à¤à¤¸à¤¾ होता है।
पेशाब करने में दिकà¥â€à¤•त :नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š हो जाता है और कà¥à¤› समय के लिठनसों और मांसपेशियों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है। इस वजह से पेशाब करने में दिकà¥â€à¤•त या दरà¥à¤¦ हो सकती है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में सूजन और दरà¥à¤¦ :डिलीवरी के बाद पहले तीन से चार दिनों में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® बनता है। यह शिशॠकी इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी को बढ़ाने के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी होता है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में दूध à¤à¤°à¤¨à¥‡ के कारण उनमें सूजन आ सकती है।
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